रिपोर्ट @मोहम्मद शकील (8319483215)

यातायात नियमों की खुलकर उड रही धज्जियां

कोयलांचल ! जिले की यातायात व्यवस्था की कमान संभालनें नये अधिकारी आ चुके हैं, लेकिन उन्हें यहां कि खस्ताहाल यातायात व्यवस्था को समझनें में वक्त भी न लगेगा, क्योंकि जिले की चरमराई यातायात व्यवस्था में इतनें पोल हैं कि यदि इस व्यवस्था की नब्ज टटोली जायेगी तो यातायात के राडार में न सिर्फ कई ट्रांसपोर्टर आ जायेगें बल्कि गुप्त परिवहन के ऐसे तमाम खुलासे भी होगें जिसकी कल्पना भी शायद अब तक विभाग के आला अधिकारियों न की होगी ! 

*परिवहन में होता हजारों का खेल*

सूत्र बताते हैं कि परिवहन विभाग में आर- पार के नाम पर रोजाना हजारों का खेल होता है, जानकारों की मानें तो ऐसे कई वाहन है जिनमें कहीं परिवहन के दस्तावेजों में कमी तो कहीं परिवहन कर रहे वाहनों के दस्तावेजों में खामियां होती है, बावजूद इसके उक्त परिवहन में लगे वाहन अपनें जुगाड़ की आड़‌ में बेधड़क निकल जाते हैं और जिसपर निगरानी रखनें वाले इन पर ठोस कार्यवाही करनें के जगह इसे नजरअंब कर देते हैं !

*रोज निकलते है सैकडों भारी वाहन* 

शहडोल जिला एक ऐसा जिला हैं जहां ट्रांसपोर्ट का समूचे प्रदेश मे बड़ा कारोबार हैं, इसके साथ ही इस कारोबार से जुडे ऐसे तमाम व्यापारी भी हैं जिनकी पकड़ यातायात विभाग के कुछ निचले स्तर के अधिकारियों से हैं ! जानकारों की मानें तो सैकडों निकलनें वाले वाहनों की विभाग के जिम्मेदार अधिकारी विधिवत औचक निरीक्षण कर लें तो बड़े और चौकानें वाले खुलासे हो सकते हैं‌ !

*चोरी के कारोबार की भी सुगबुगाहट*

जानकार बताते हैं कि जिले की कोयलांचल नगरी बुढ़ार, धनपुरी, अमलाई, ओ.पी.एम जैसे तमाम ऐसे क्षेत्र हैं जहां रोजाना सैकडों की तादाद में भारी वाहन कोयला लेकर निकलते हैं, इन वाहनों से सैकडों टन कोयला रोजाना परिवहन किया जाता है, लेकिन दस्तावेजों से लेकर परिवहन क्षमता जैसे ऐसे कई पहलू हैं जिनपर यातायात विभाग ध्यान नहीं देता जिसका जिसके चलते हाइवे से लेकर चौराहों से लगातार ये वाहन सरपट पार हो जाते हैं और जिम्मेदार महकमा महज मूकदर्शक बना नजर आता है ! सूत्र बताते हैं कि कोयलांचल से निकलनें वाले रोजाना सैकडों भारी वाहनों में परिवहन की आड़ में जमकर खेल हो रहा है लेकिन कार्यवाही महज दिखावा बनी हुई है !

*छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश से भी ट्रांसपोर्टरों का नाता*

जानकार बताते हैं कि शहडोल जिले ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का  मध्यप्रदेश के साथ ही छत्तीसगढ़ व उत्तरप्रदेश से भी गहरा नाता हैं‌ ! सूत्र बताते हैं कि शहडोल जिले के ट्रांसपोर्टर न सिर्फ जिले से भारी वाहनों को पार करानें का ठेका लेते हैं बल्कि जिले से भी लगातार भारी वाहन पार कराते हैं !

*कबाड़ सहित कोयले का कारोबार*

जानकारों की मानें तो कबाड़ सहित कोयले के ऐसे तमाम कारोबारी हैं, जिनके वाहनों की आवाजाही का एक विशेष नेटवर्क हैं, सूत्रों नें बताया कि हाईटेक और कोडवर्ड से जिले से बाहर निकलनें वाले इन वाहनों से जहां लाखों का कोयला व कबाड़ पार होता हैं वहीं इन वाहनों के दस्तावेजों से लेकर परिवहन की जा रही सामग्री के दस्तावेजों में भी खामियां होती है, लेकिन यातायात महकमें के उदासीन रवैये के चलते ये वाहन बिना किसी रोक टोक के गंतव्य तक पहुंच जाते हैं !

*हो चुके हैं हादसे* 

इसे विडंबना ही माना जाये कि भारी वाहनों और नोट इंट्री में असमय इंट्री कर लगातार भारी वाहनों की आवाजाही कई क्षेत्रों से बेधड़क होती हैं, कई जगह जाम तो कई बार गंभीर दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन इन भारी वाहनों की आवाजाही के लिये महकमा अब तक कोई सख्त कदम नहीं उठा सका‌ हालात ऐसे हैं कि चौराहों से लेकर सघन इलाकों से इन भारी वाहनों की आवाजाही देखी जा सकती है लेकिन कार्यवाही महज खानापूर्ति बनी हुई है !

*बेलगाम वाहनों के खिलाफ लगातार जारी रहेगी मुहिम...*